Home देश Digital India: भारत के डिजिटल पेमेंट में दिखेगी समावेशी तकनीक की ताकत,...

Digital India: भारत के डिजिटल पेमेंट में दिखेगी समावेशी तकनीक की ताकत, वैश्विक मंच पर पेश होगा भारतीय मॉडल

2
0

नईदिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आयोजित ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम में पावर टू एंपावर का विजन पेश किया. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन ही असली ताकत हैं, लेकिन इनका उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना होना चाहिए. पीएम मोदी ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम, सस्ती इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने बताया कि देश में स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है. साथ ही, सरकार की योजनाओं के जरिए पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का भी उल्लेख किया।

 PM मोदी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी, डेटा, नॉलेज और इनोवेशन सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे हो रहा है. पीएम मोदी के कहा कि, क्या टेक्नोलॉजी सिर्फ कुछ ही लोगों को आगे बढ़ाती है या फिर लाखों लोगों के लिए नए लोगों के लिए नए मौके बनाती है। 

Ad

भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने विदेशी मेहमानों से अपील की कि वे इसे खुद आजमाकर देखें।

स्ट्रीट वेंडर से कार शोरूम तक एक ही प्लेटफॉर्म
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो अतिथि विदेश से आए हैं, उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए। हमारे यहां एक स्ट्रीट वेंडर और कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है, उनका स्केल अलग है, लेकिन भारत में ये दोनों डिजिटल पेमेंट के एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है।”

लोकतंत्र की जननी और डिजिटल विविधता का देश
पीएम मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए देश की डिजिटल विविधता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड अखबार और प्रकाशन तथा 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। सोशल मीडिया के दौर में यहां सैकड़ों करोड़ यूट्यूब उपभोक्ता और विशाल डिजिटल उपभोक्ता आधार मौजूद है। डिजिटल पावर ने मठों और विभिन्न संप्रदायों पर सामूहिक चर्चाओं में भी बड़ी भूमिका निभाई है।

स्टार्टअप क्रांति: छोटे शहरों से निकल रही नई प्रतिभाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 2014 से पहले देश में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें से करीब आधे छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं। 45 प्रतिशत स्टार्टअप में एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है। इससे साफ है कि इनोवेशन के अवसर अब ज्यादा लोगों तक पहुंच रहे हैं और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।

दुनिया के साथ साझा कर रहा है भारत अपना डिजिटल अनुभव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव साझा कर रहा है, ताकि वे अपनी जरूरतों के हिसाब से डिजिटल सिस्टम बना सकें। कोविड-19 के दौरान ओपन सोर्स ‘को-विन’ प्लेटफॉर्म भी बनाया गया था। उन्होंने जोर दिया, “हमारी लगातार कोशिश यही है कि भारत की क्षमताएं दूसरे देशों के लिए भी संभावनाओं के नए रास्ते खोलें। हमारी क्षमताओं से मानवता सशक्त होनी चाहिए।”

इनोवेशन की असली ताकत ज्यादा लोगों तक पहुंचने में
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी आइडिया को प्रोडक्ट में और समस्या को समाधान में बदलना बड़ी काबिलियत है। लेकिन जब समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह मौका मिलता है, तो ताकत का संतुलन बना रहता है और इसका असर कई गुना बढ़ जाता है। यही इन्क्लूसिव इनोवेशन की असली ताकत है।

उन्होंने कहा कि क्या नॉलेज सिर्फ कुछ लोगों की ताकत तक सीमित रहता है या फिर यह हर किसी की कैपेसिटी बढ़ाता है, और यहीं से एक नई सोच का जन्म होता है, पावर टू एम्पावर। 

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत लोकतंत्र की जननी है, भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज पेपर और पब्लिकेशन्स हैं. 1,000 से ज़्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल्स हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 मिलियन से ज्यादा यूट्यूब यूजर्स हैं. 500 मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं। 

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here