Home राज्य छत्तीसगढ़ धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम

धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम

1
0

​नल से जल, स्वावलंबन से कल

 धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम
​
रायपुर

Ad

        जब पानी घर के आंगन और चौखट तक पहुँचता है, तो केवल एक जीवनदायिनी सुविधा ही नहीं बदलती, बल्कि गाँव की दिनचर्या, स्वच्छता और पूरे ग्रामीण जनजीवन की तस्वीर बदल जाती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जन-भागीदारी के ज़रिए धरातल पर उतारने की एक अनुकरणीय मिसाल धमतरी विकासखंड के ग्राम बेंद्रानवागांव से सामने आई है। दूर-दराज से पानी ढोने की मजबूरी को पीछे छोड़ते हुए बेंद्रानवागांव अब आधिकारिक रूप से ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम घोषित हो चुका है। इसके साथ ही यह धमतरी विकासखंड का 137वां प्रमाणीकृत गाँव बन गया है। यह उपलब्धि महज़ एक औपचारिक प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँव के प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की पहुँच और इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के सामूहिक संकल्प की प्रतीक है।
         ​इस सफलता की नीव प्रशासनिक दक्षता और जन-भागीदारी के बेहतरीन तालमेल से रखी गई। योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने 24 सितंबर 2026 को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी आधिकारिक सूचना दी। इसके उपरांत 30 सितंबर को गाँव में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के प्रतिनिधियों, सचिव, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ने ग्राम सभा में उपस्थित होकर योजना के उद्देश्यों, जलापूर्ति व्यवस्था, संचालन और इसके रखरखाव की बारीकियों को ग्रामीणों के साथ साझा किया। ग्रामीणों ने इस नई व्यवस्था पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया, जिसके बाद सरपंच द्वारा विभाग को प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र सौंपा गया और विभाग की ओर से योजना का हस्तांतरण पत्र ग्राम पंचायत को जारी कर दिया गया।
          ​बेंद्रानवागांव की इस विकास यात्रा की सबसे खास बात सुविधा से आगे बढ़कर स्वावलंबन की ओर बढ़ना है। अब इस जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और संधारण की पूरी कमान गाँव स्वयं संभालेगा। इसके लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (पानी समिति) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना को दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर बनाए रखने के उद्देश्य से पंचायत ने प्रति परिवार 70 रुपये प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया है। इस राशि से बिजली बिल के भुगतान के साथ-साथ गाँव में ही कार्यरत पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर की सेवाओं का भुगतान किया जाएगा।
        ​शासन की पहल पर हर घर तक पहुँचा नल का जल अब बेंद्रानवागांव में सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण बन चुका है। बेंद्रानवागांव का यह सफर स्पष्ट करता है कि जब प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पंचायत का मजबूत नेतृत्व और ग्रामीणों की सहभागिता एक साथ जुड़ती है, तो विकास केवल आंकड़ों में दिखाई नहीं देता—वह हर घर की चौखट पर महसूस होता है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here