Home अध्यात्म गणेश चतुर्थी पर 200 साल बाद दुर्लभ संयोग, भद्र-मालव्य राजयोग से चमकेंगी...

गणेश चतुर्थी पर 200 साल बाद दुर्लभ संयोग, भद्र-मालव्य राजयोग से चमकेंगी 5 राशियां

2
0

इस बार गणेश चतुर्थी सिर्फ गणपति बप्पा की पूजा के लिए ही खास नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय नजरिए से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के दिन ग्रहों की स्थिति से भद्र पंचमहापुरुष राजयोग और मालव्य पंचमहापुरुष राजयोग बनने की बात कही जा रही है. ज्योतिषीय मान्यताओं में इन दोनों योगों को बेहद शुभ माना जाता है. खास बात यह है कि दोनों योग एक साथ बनने का यह संयोग करीब 200 साल बाद बनने का दावा किया जा रहा है.

कैसे बन रहा है भद्र योग?
भद्र योग पंचमहापुरुष राजयोगों में से एक है. ज्योतिष के अनुसार जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या अथवा अपनी उच्च राशि कन्या में केंद्र भाव में स्थित होता है, तब भद्र योग बनता है. इस समय बुध कन्या राशि में गोचर कर रहा है.

Ad

कन्या राशि बुध की अपनी राशि होने के साथ-साथ मूलत्रिकोण राशि भी मानी जाती है. इसलिए बुध की इस स्थिति को मजबूत माना जाता है. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, लेखन, गणना, व्यापार, शिक्षा और संचार का कारक माना गया है. ऐसे में भद्र योग बनने से इन क्षेत्रों से जुड़े कामों में शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है.

कैसे बन रहा है मालव्य योग?
दूसरी ओर शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर कर रहा है. ज्योतिष में जब शुक्र अपनी राशि या उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होता है तो मालव्य पंचमहापुरुष राजयोग बनने की स्थिति मानी जाती है.

शुक्र को धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख-सुविधा, वाहन और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है. इसलिए मालव्य योग को आर्थिक और भौतिक सुखों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.

200 साल बाद क्यों खास है यह संयोग?
गणेश चतुर्थी के आसपास बुध का कन्या राशि में और शुक्र का तुला राशि में होना ज्योतिषीय रूप से खास संयोग माना जा रहा है. इसी वजह से इस बार गणपति उत्सव के दौरान भद्र और मालव्य योग की चर्चा हो रही है.

इन दोनों योगों को पंचमहापुरुष राजयोगों में शामिल किया जाता है. हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में इनका प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, लग्न और दशा पर निर्भर करता है.

इन 5 राशियों को मिल सकता है फायदा
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में अच्छा माना जा सकता है. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है . व्यापार करने वालों को नई डील या नए संपर्कों से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं. रुके हुए काम भी धीरे-धीरे आगे बढ़ सकते हैं.

वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं. कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है.

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए भद्र योग विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बुध इसी राशि में स्थित है. इस दौरान बुद्धि, निर्णय क्षमता और कम्युनिकेशन स्किल मजबूत हो सकती है. नौकरी, बिजनेस, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं.

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए मालव्य योग विशेष लाभकारी माना जा रहा है. शुक्र अपनी राशि तुला में होने के कारण धन, करियर और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए भी यह समय करियर के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है. नई जिम्मेदारी या पद में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं.

कब तक मिलेगा इन योगों का फायदा?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध 26 सितंबर 2026 तक कन्या राशि में रहेगा. इसके बाद वह तुला राशि में प्रवेश करेगा. इसलिए भद्र योग का यह चरण सितंबर के अंत तक माना जा रहा है.

वहीं शुक्र तुला राशि में 6 नवंबर 2026 तक रहने वाला है. इस वजह से मालव्य योग का प्रभाव नवंबर की शुरुआत तक रहने की बात कही जा रही है.

यानी 14 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच भद्र और मालव्य योग का एक साथ प्रभाव विशेष रूप से चर्चा में रहेगा. इसके बाद मालव्य योग का प्रभाव आगे भी जारी रहने की ज्योतिषीय मान्यता है.

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here