Home राज्य मध्य प्रदेश इंदौर से खंडवा तक सफर होगा आसान, नर्मदा पर 6-लेन ब्रिज तैयार;...

इंदौर से खंडवा तक सफर होगा आसान, नर्मदा पर 6-लेन ब्रिज तैयार; जल्द शुरू होगा यातायात

2
0

 खंडवा

 इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-347बीजी) पर मोरटक्का में नर्मदा नदी पर बन रहा नया छह लेन आइकोनिक ब्रिज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह पुल न केवल इंदौर, ओंकारेश्वर और खंडवा के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी वैश्विक पहचान हासिल करेगा।

Ad

पूरा तैयार होने के बाद पूरे देश के सबसे आकर्षक और दर्शनीय पुलों में शामिल होगा। हालांकि निर्माण कार्य अंतिम दौर में होने के बावजूद सुरक्षा संबंधी कारणों से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने अभी इस पर यातायात शुरू नहीं किया है।

आर्किटेक्चरल ब्यूटीफिकेशन से मिलेगी वैश्विक पहचान

एनएचएआइ ने नए नर्मदा पुल के दोनों सिरों को जोड़ने के साथ ही एक लेन में डामरीकरण और लोड टेस्टिंग का कार्य पूर्ण करने के बाद दूसरे लेन के डामरीकरण और जांच संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही नर्मदा ब्रिज को आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। पुल के आर्किटेक्चरल ब्यूटीफिकेशन के लिए अलग टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

इसके तहत डायनेमिक एलईडी फसाड लाइटिंग,गुफा.प्रेरित आर्च डिज़ाइन, आकर्षक लैंडस्केपिंग तथा आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अनुबंध में डिज़ाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन के साथ पांच वर्ष तक रखरखाव भी शामिल है। करीब 1275 मीटर लंबा और 30 स्पान वाला यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ.साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
यातायात अधिक तेज और सुरक्षित

नए पुल शुरू होने से इंदौर-खंडवा मार्ग पर यातायात अधिक तेज और सुरक्षित होगा। विशेष रूप से वर्षाकाल में नर्मदा नदी में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की स्थिति बनने पर पुराने मोरटक्का पुल पर यातायात प्रभावित होने की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नए पुल के चालू होने से भारी वाहनों और सामान्य यातायात का दबाव भी पुराने पुल से कम होगाए जिससे ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

हालांकि मोरटक्का से बलवाड़ा के बीच फोरलेन हाईवे पर अभी कुछ स्थानों पर सब.वे, पुलियों और अन्य निर्माण कार्य शेष हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर हाईटेंशन विद्युत लाइन के पोल भी सड़क के बीच बाधा बने हुए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने तक सुरक्षा की दृष्टि से एनएचएआइ इस मार्ग पर यातायात शुरू करने के पक्ष में नहीं है।
बांसवा में क्षतिग्रस्त पुल का होगा लोड टेस्ट

उल्लेखनीय है कि इंदौर हैदराबाद हाईवे पर बांसवा के निकट जून 2026 में पुल के स्लैब का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। एनएचएआइ के अनुसार एक ओवरलोड वाहन के निर्माणाधीन हिस्से पर चढ़ जाने से यह नुकसान हुआ था। क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है। पुल की गुणवत्ता की जांच इंदौर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज आइजीएसआइटीएस के विशेषज्ञ इंजीनियर द्वारा करवाई गई है।

विशेषज्ञों द्वारा पुल का लोट टेस्ट करवाने की सलाह एनएचएआइ को दी गई है। इसके बाद ही इस पर से ट्रैफिक शुरू करने का निर्णय होगा। बांसवा पुल की अंतिम गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही पुल को यातायात के लिए खोला जाएगा।

परियोजना पूरी होने से ओंकारेश्वर आवाजाही होगी सुचारू

धनगांव से इंदौर के बीच परियोजना पूरी होने पर यह हाईवे महाराष्ट्र का मालवा और निमाड़ के बीच बेहतर संपर्क के साथ.साथ ओंकारेश्वर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।

    नर्मदा पुल की दूसरी लेन का स्लैब कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद डामरीकरण, गुणवत्ता परीक्षण और आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच पूरी होने पर वाहनों का आवागमन शुरू किया जा सकेगा। ब्रिज की एक लेन छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार है। ब्रिज के ब्यूटीफिकेशन के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।- आशीष बिरला, परियोजना निदेशक एनएचएआइ खंडवा

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here