भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस की “देशभक्ति –जनसेवा” की भावना के अनुरूप वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान एवं उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पुलिस द्वारा निरंतर संवेदनशील पहल की जा रही है। इसी क्रम में विदिशा पुलिस द्वारा संचालित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े पारिवारिक, संपत्ति एवं भरण-पोषण संबंधी प्रकरणों की सुनवाई कर आपसी सहमति और समझाइश के माध्यम से प्रभावी समाधान किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक में कुल 08 प्रकरणों की सुनवाई की गई। बैठक में कोर कमेटी के सदस्यों द्वारा संबंधित पक्षों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना गया और आवश्यक परामर्श एवं समझाइश के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रयास किया गया।
बेटों की बेरुखी के बीच वृद्धा को मिला सम्मानपूर्वक रहने का अधिकार
एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी की बुजुर्ग पत्नी ने शिकायत की कि पति के निधन के बाद दोनों पुत्रों एवं बहुओं ने उनका साथ छोड़ दिया। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें भीख मांगकर अपने पति का अंतिम संस्कार करना पड़ा। इसके बाद दोनों पुत्र मकान पर अधिकार जताते हुए उन्हें घर से बेदखल करने का प्रयास कर रहे थे।
पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने पर यह स्पष्ट हुआ कि मकान आवेदिका के पति की संपत्ति है। कोर कमेटी की समझाइश के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि वृद्धा को किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना नहीं दी जाएगी तथा उन्हें बिना किसी बाधा के सम्मानपूर्वक मकान में रहने दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में उनकी सेवा एवं देखभाल को ध्यान में रखते हुए संपत्ति संबंधी निर्णय लेने का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा।
मारपीट के विवाद का शांतिपूर्ण समाधान
शमशाबाद क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने पुत्र एवं बहू द्वारा मारपीट किए जाने तथा परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा हथियार लेकर धमकाने की शिकायत की थी। पंचायत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद विवादित कमरे के मूल्यांकन एवं उचित भुगतान की व्यवस्था का सुझाव दिया गया। दोनों पक्ष इस समाधान पर सहमत हुए तथा पूर्व में दर्ज शिकायतों के संबंध में भी आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
चार बेटों को भरण-पोषण की जिम्मेदारी
कुरवाई क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत की कि उनके चारों पुत्रों ने धोखाधड़ी से जमीन अपने नाम करा ली और अब उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं। पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद प्रत्येक पुत्र को 2 हजार रूपए प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने का सुझाव दिया गया, जिस पर सभी पक्षों ने सहमति व्यक्त की।
वर्षों पुराना पारिवारिक विवाद समाप्त, मिठाई खिलाकर नई शुरुआत का संकल्प
गंजबासौदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ नागरिक ने अपने भाई एवं परिवार के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद और मारपीट की शिकायत की थी। विस्तृत सुनवाई के दौरान विवाद का मुख्य कारण आपसी अहम् एवं गलतफहमियां सामने आईं। पंचायत की समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने भविष्य में विवाद नहीं करने, सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा परिस्थितियां सामान्य होने पर पुराने प्रकरण में भी आपसी सहमति से समाधान का प्रयास करने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर नई शुरुआत का संकल्प लिया।
बैठक में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने तथा संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आगामी तिथि निर्धारित की गई।
मध्यप्रदेश पुलिस वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत जैसी पहल के माध्यम से पुलिस न केवल विवादों का समाधान कर रही है, बल्कि बुजुर्गों को भावनात्मक सहयोग, कानूनी मार्गदर्शन और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भरोसा भी प्रदान कर रही है।








