कैनसस सिटी
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना ने अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी एक बार फिर लियोनेल मेसी बने. 38 वर्षीय सुपरस्टार ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच और रिकॉर्ड छठे वर्ल्ड कप में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे फुटबॉल प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।
कैनसस सिटी के GEHA फील्ड एट एरोहेड स्टेडियम में 69,045 दर्शकों के सामने मेसी ने शानदार हैट्रिक जमाकर अर्जेंटीना को अल्जीरिया पर 3-0 की जीत दिलाई. इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
यह मेसी के वर्ल्ड कप करियर की पहली हैट्रिक भी रही. साथ ही वह टूर्नामेंट के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए. उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
शुरुआत में अल्जीरिया ने दी कड़ी टक्कर
मैच की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रही. पांचवें मिनट में मेसी ने गेंद को नेट में पहुंचा दिया था, लेकिन बिल्ड-अप में ऑफसाइड होने के कारण गोल रद्द कर दिया गया. कुछ ही देर बाद अल्जीरिया ने भी जश्न मनाया, जब फार्स चाबी ने गोल किया, मगर VAR ने उसे भी ऑफसाइड करार दिया।
शुरुआती 15 मिनट तक अल्जीरिया ने विश्व चैम्पियन टीम को खुलकर चुनौती दी और गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा. लेकिन फिर मेसी ने अपनी क्लास दिखा दी।
20 साल बाद फिर 16 जून को मेसी का कमाल
17वें मिनट में रोड्रिगो डी पॉल ने शानदार थ्रू बॉल खेली. मेसी ने डिफेंडरों के दबाव के बावजूद गेंद को शानदार अंदाज में टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया. अल्जीरियाई गोलकीपर लुका जिदान के पास कोई जवाब नहीं था।
यह गोल कई मायनों में खास था. ठीक 20 साल पहले, 16 जून 2006 को मेसी ने सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ अपना पहला वर्ल्ड कप गोल किया था. अब उसी तारीख पर उन्होंने एक और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया।
इसके साथ ही मेसी पुरुष फुटबॉल में पांच अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने. उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम थी।
छठा वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर
इस मुकाबले ने मेसी को एक और ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचा दिया. वह वर्ल्ड कप इतिहास में छह संस्करण खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए. इसके अलावा वह दक्षिण अमेरिका के पहले पुरुष फुटबॉलर और दुनिया के केवल तीसरे पुरुष खिलाड़ी बने, जिन्होंने 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
पहले गोल के बाद अर्जेंटीना ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली. हालांकि अल्जीरिया ने हार नहीं मानी और गेंद पर लगभग बराबर कब्जा बनाए रखा, लेकिन उसकी सात कोशिशों में एक भी शॉट टारगेट पर नहीं जा सका।
60वें मिनट में एलेक्सिस मैक एलिस्टर के शॉट को लुका जिदान पूरी तरह नहीं रोक पाए. गेंद उनके हाथों से छिटक गई और मेसी ने रिबाउंड पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया।
इसके बाद 76वें मिनट में निकोलस गोंजालेज ने ऊंचे क्षेत्र में गेंद छीनी और मेसी को पास दिया. अर्जेंटीना के कप्तान ने बिना कोई गलती किए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया और गेंद को नेट में पहुंचाकर अपनी पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक पूरी कर ली।
रिकॉर्ड्स की झड़ी
इस हैट्रिक के साथ मेसी ने कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए.
– वर्ल्ड कप में अब उनके नाम 16 गोल और 8 असिस्ट यानी कुल 24 गोल योगदान हैं.
– उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले के 21 गोल योगदान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
– लगातार पांच वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए.
– वर्ल्ड कप में पेनल्टी बॉक्स के बाहर से उनके गोलों की संख्या पांच हो गई, जो पिछले छह दशकों में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है.
– क्लब और देश के लिए उनके करियर का यह 911वां गोल योगदान रहा.
अर्जेंटीना ने भी तोड़ा पुराना सिलसिला
यह जीत सिर्फ मेसी के रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रही. तीन बार की विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना ने पहली बार बतौर डिफेंडिंग चैम्पियन अपना शुरुआती वर्ल्ड कप मैच जीता. इससे पहले 1982 और 1990 में खिताब जीतने के बाद उसे अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
ग्रुप J में जीत के साथ अर्जेंटीना ने शानदार शुरुआत कर ली है. अब उसकी नजरें अगले मुकाबलों में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के खिलाफ जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण की ओर बढ़ने पर होंगी. लेकिन फिलहाल पूरी दुनिया सिर्फ एक नाम की चर्चा कर रही है- लियोनेल मेसी. जिन्होंने 38 साल की उम्र में भी साबित कर दिया कि महान खिलाड़ी उम्र से नहीं, अपने जादू से पहचाने जाते हैं।








