Home राज्य छत्तीसगढ़ आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे...

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

4
0

आदेश या मज़ाक? कलेक्टर के फरमान की खुली धज्जियां, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

Ad

जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद बीपीएम सुलेमान खान को अब तक पद से नहीं हटाया जाना न सिर्फ आदेशों की अवहेलना है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी गहरा दाग लगाता नजर आ रहा है।

आखिर ऐसा क्या है कि कलेक्टर का सीधा निर्देश भी जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा? क्या आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, या फिर कहीं न कहीं कोई अदृश्य ताकत इस पूरे मामले को दबाने में लगी है?

सवाल जो चुभ रहे हैं:
किसके संरक्षण में हैं बीपीएम सुलेमान खान?
क्या अब कलेक्टर के आदेश भी असरहीन हो चुके हैं?

जिला स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी क्या किसी बड़े दबाव की ओर इशारा कर रही है?
सूत्रों की मानें तो जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रहस्यमयी चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना रही है। आदेश जारी होने के बाद भी संबंधित अधिकारी का पद पर बने रहना प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

जनता का गुस्सा, व्यवस्था पर अविश्वास:
अब आम जनता भी सवाल उठाने लगी है, क्या जिले में “सेटिंग और संरक्षण” का खेल इतना मजबूत हो चुका है कि आदेश भी बेबस नजर आ रहे हैं? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई से बच रहे हैं?

अब नजर कलेक्टर पर:
यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासन की साख दांव पर है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर इस चुनौती को कैसे लेते हैं, क्या सख्त कार्रवाई होगी या फिर आदेश फाइलों में दबकर रह जाएगा?

फिलहाल, सवाल ज्यादा हैं और जवाब नदारद… और यही इस पूरे मामले को और भी विस्फोटक बना रहा है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here