Home राज्य ईरान की मिसाइलों से दहशत, खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों...

ईरान की मिसाइलों से दहशत, खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की स्थिति जानिए

33
0

नई दिल्ली
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए टारगेटेड हमलों के बाद अब ईरान ने खुली जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. तेहरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ तो खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. अब ईरान की तरफ से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और जॉर्डन समेत खाड़ी मुल्कों में स्थित अमेरिकी एयरबेस और सैन्य परिसरों पर मिसाइल हमलों की खबरें सामने आ रही हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो खाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अस्थिरता फैल सकती है, जिसका सीधा असर वहां काम कर रहे प्रवासी भारतीयों पर पड़ेगा. भारत सरकार की तरफ से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपात योजनाओं पर भी विचार किया जा सकता है.

Ad

इस बढ़ते सैन्य टकराव के बीच सबसे बड़ी चिंता खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को लेकर है. ताजा अनुमानों के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में लगभग 93 लाख से अधिक भारतीय रह रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात में करीब 38.9 लाख, सऊदी अरब में लगभग 26.5 लाख, कुवैत में करीब 10 लाख, कतर में लगभग 8.3 लाख, ओमान में 6.6 लाख और बहरीन में करीब 3.3 लाख भारतीय रह रहे हैं. ये सभी देश उन इलाकों में आते हैं जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं या हालिया हमलों की जद में हैं.

ईरान ने खाड़ी के किन-किन देशों पर किया हमला?
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. शहर के कुछ हिस्सों में धुआं उठता देखा गया. बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवीं फ्लीट के सेवा केंद्र पर भी मिसाइल हमला होने की सूचना है. बहरीन के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में ठिकाने को निशाना बनाया गया.

ईरान ने कहा- अब नहीं कोई रेडलाइन
कतर के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एक ईरानी मिसाइल को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया गया. इससे संकेत मिलता है कि खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी और सहयोगी सैन्य तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बयान दिया है कि मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी और इजरायली संपत्तियां और हित अब "वैध लक्ष्य" हैं. उन्होंने कहा, "इस आक्रामकता के बाद कोई रेड लाइन नहीं बची है और हर विकल्प मेज पर है."

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here