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इस्लामिक स्टेट से मिली प्रेरणा, ऑस्ट्रेलिया हमले से पहले बाप-बेटा क्या कर रहे थे फिलीपींस में?

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सिडनी

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर रविवार शाम को हुए सामूहिक गोलीबारी हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। यह हमला यहूदी समुदाय के हानुका उत्सव 'चानुका बाय द सी' के दौरान हुआ, जिसमें करीब एक हजार लोग शामिल थे। पुलिस ने इसे आतंकी घटना घोषित कर दिया है और प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि हमलावर इस्लामिक स्टेट (आईएस) की विचारधारा से प्रेरित थे।

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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को कहा कि हमला इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित लगता है। उन्होंने इसे नफरत की विचारधारा करार दिया, जो पिछले एक दशक से कुछ लोगों को उग्रवादी बनाने का काम कर रही है। पुलिस ने पुष्टि की है कि हमलावरों की कार में दो घरेलू स्तर पर बने इस्लामिक स्टेट के झंडे और इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) मिले हैं।
हमलावरों की पहचान

हमलावर पिता-पुत्र थे। 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम ने इस हमले को अंजाम दिया। साजिद अकरम की पुलिस की गोलीबारी में मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नवीद गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में पुलिस हिरासत में है। साजिद के पास छह हथियारों का वैध लाइसेंस था, जिनका इस्तेमाल हमले में किया गया लगता है।

पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने बताया कि दोनों हमलावर पिछले महीने फिलीपींस की यात्रा पर गए थे और इस यात्रा के उद्देश्य की जांच चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में संकेत है कि वे वहां मिलिट्री ट्रेनिंग लेने गए थे। नवीद अकरम की 2019 में ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी एएसआईओ ने जांच की थी, क्योंकि उसके आईएस से जुड़े एक सेल से संबंध थे, लेकिन तब उसे तत्काल खतरा नहीं माना गया।
कैसे हुआ हमला?

हमला शाम करीब 6:47 बजे शुरू हुआ, जब दोनों हमलावर एक फुटब्रिज से लंबी दूरी की राइफलों से भीड़ पर गोलियां बरसाने लगे। कुल 103 गोलियां चलाई गईं। हमले में एक 10 वर्षीय बच्ची सहित 15 लोग मारे गए। घायलों में बच्चे और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। एक निहत्थे राहगीर अहमद अल अहमद ने बहादुरी दिखाते हुए एक हमलावर को निरस्त्र कर दिया, जिससे कई जानें बच गईं। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने उन्हें मानवता की ताकत का उदाहरण बताया।

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने इसे यहूदी समुदाय पर "बर्बर हमला" बताया। ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिम संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है। दुनिया भर में शोक सभाएं हुईं और सिडनी ओपेरा हाउस को हनुक्का मेनोरा से रोशन किया गया। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने बंदूक कानूनों को और सख्त करने का वादा किया है। जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी अन्य की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन जांच सभी पहलुओं पर चल रही है।

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