Home राज्य मध्य प्रदेश कई गांवों से पुजारी पलायन को भी हुए मजबूर, प्रमुख मंदिरों में...

कई गांवों से पुजारी पलायन को भी हुए मजबूर, प्रमुख मंदिरों में मिले प्रोटोकाल की सुविधा, सरकार से मांग

86
0

उज्जैन
देश में पुजारियों के खिलाफ दमनकारी नीति अपनाई जा रही है। उन पर प्राण घातक हमले हो रहे हैं। दबंग उनकी जमीन व रोजी रोटी छीन रहे हैं। उन्हें मंदिरों से बेदखल किया जा रहा है। कई गांवों से पुजारी पलायन को भी मजबूर हुए हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को पुजारी सुरक्षा कानून बनाना चाहिए। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश पुजारी ने बताया इस मामले में केंद्र व राज्य सरकारों को पत्र लिखा है।
 
पुजारियों की सुरक्षा के लिए कानून बने
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया बीते दिनों कोटा में आयोजित राजस्थान पुजारी सेवक संघ के महा अधिवेशन में पुजारियों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने सहित अनेक प्रस्ताव रखे गए थे। जिन्हें अधिवेशन में मौजूद समस्त पुजारियों ने ध्वनिमत से पास किया था। देश के कुछ हिस्सों में विशेषकर राजस्थान में पुजारियों की स्थिति खराब है। दबंग पुजारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं। महाकाल सहित देश के प्रमुख मंदिरों में राजनेता, साधु संत सभी को वीआइपी सुविधा प्राप्त हो रही है।

पूरे देश के पुजारियों में है आक्रोश
लेकिन भगवान के सेवक पुजारी उपेक्षित हैं, किसी भी मंदिर में पुजारियों के लिए वीआईपी दर्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पुजारियों के साथ हो रहे इस सौतेले व्यवहार से पूरे देश के पुजारियों में आक्रोश है। पुजारी महासंघ ने केंद्र व राज्य सरकारों से मांग की है कि देश के सभी प्रसिद्ध मंदिर जहां वीआईपी प्रोटोकाल की सुविधा उपलब्ध है, पुजारियों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्हें भी गर्भगृह में जाकर भगवान के दर्शन पूजन का लाभ मिलना चाहिए। 

Ad
Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here